प्रेम की नैया.. Naiya Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

प्रेम की नैया.. Naiya

Rating: 5.0

प्रेम की नैया
रविवार, १६ जनवरी २०२२
मैंने प्रेम की हामी भर दी
किश्ती में था अकेला सवारी डबल करदी
ना था कोई उपाय बस में
ना सोचा गहराई में।
चाँद सितारे दिखाते नज़ारे
दिल में उठती तिस हमारे
बेबस हो जाता देख तुम्हारे
सपने सजाता रंगीन हजारे।
प्रेम की नैया चल तो पड़ी है
नैनो की भाषा पढ़ी हर घडी है
कुछ तो पढ़ पाता, कुछ चली जाती है
मन में असमंजस खूब सताती है।
प्रेम की भाषा पढ़ पाना मुश्किल
घडी नहीं कटती, बेबस ये दिल
सुबह हो जाती रात है कठिन
दिन का उजाला नहीं होता यकीन।
प्रेम का होना प्रभु का वरदान
आँखों का मिलना करता प्रदान
चाहत में मरना चाहत में जीना
लगा रहता है आना जाना।
प्रेम की कस्ती एक सहारा
पूरा करजो, सपना हमारा
एक ही तो है, आपका सहारा
मन मेरा अभी से हारा।
में हो जाऊंगा, किस्मत का मारा
छोड़ दिया जो उसने बेसहारा
मुश्किल में होगी जान हमारी
कैसे कटेगी जिंदगी सारी।
प्रेम रतन का में करता रटन
उसके बिना मुझे होती घुटन
बार-बार करता याद उसीको
चाहता दिल से उसे याद करको।
डॉ हसमुख मेहता
साहित्यिकी

प्रेम की नैया.. Naiya
POET'S NOTES ABOUT THE POEM
बार-बार करता याद उसीको चाहता दिल से उसे याद करको। डॉ हसमुख मेहता साहित्यिकी
COMMENTS OF THE POEM
Mehta Hasmukh Amathalal 20 January 2022

Author Hasmikh Mehta wedlcome.. Vinod Fullee\

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Dr Dillip K Swain 20 January 2022

प्रेम की कस्ती एक सहारा पूरा करजो, सपना हमारा एक ही तो है, आपका सहारा मन मेरा अभी से हारा।.....Beautiful

0 0 Reply
Mehta Hasmukh Amathalal 20 January 2022

Author Hasmikh Mehta wedlcome.. .Adriano Costa

0 0 Reply
Mehta Hasmukh Amathalal 20 January 2022

Author Hasmikh Mehta wedlcome. 俊孝鹿毛

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Mehta Hasmukh Amathalal 20 January 2022

Author Hasmikh Mehta wedlcome. Omanakuttan Suresh

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Mehta Hasmukh Amathalal 20 January 2022

Author Hasmikh Mehta wedlcome.. Karma La

0 0 Reply
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Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
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