(some Lines From) क्या कहूँ मैं तू कौन है Poem by Priya Guru

(some Lines From) क्या कहूँ मैं तू कौन है

याद है, दिल की बरसात है
आदत है, खुदा की इबादत है

चेहरा है, ख्बाबो का पहरा है
शाम है तू, या साकी ज़ाम है

फितरत है मेरी, जज्बातों की हक़ीक़त है
ख्बाब है या कोई किताब है

मेरी माँ पूछती है तो, क्या कहूँ
क्या कहूँ मैं, तू कौन है

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