सुबह तो होती रहेगी
सुख का मायना क्या?
दुःख का गाना क्या?
सामना करना है तो सोचना क्या?
जीनाहै तो फिर मरना क्या?
मुझे परवाह नहीं
पर ज़िंदा हूँ तो सही
दांत दिए है तो खाना भी देगा
जीवन दिया है तो जरिया भी देगा।
मुझे धुटघुटकार नहीं जीना
तानकर चलना है सीना
जबतक साँच की डगर है
जीवन उजगर ही है।
में पी लूंगा जहर के घूंट
चाहे लोग मचाले लूंट
मार करूंगा अचूक
निशाना रहेगा सटीक।
माना जीवन में सतर्कता रहे
और साथ में जागरूकता भी रहे
पर फिर भी डर लगा रहेगा
मस्ती में जीया झूमता रहेगा
सुबह तो होती रहेगी
खुशियां भी लाती रहेगी
मेरे बदन में सुस्ती का अभाव होगा
जीवन में जरुरी सा लगाव भी होगा।
सुबह तो होती रहेगी सुख का मायना क्या? दुःख का गाना क्या? सामना करना है तो सोचना क्या? जीनाहै तो फिर मरना क्या? ...........ye bilkul sach hai. Ye barnan chamatkar hai. Stunning expression with nice theme. Beautiful poem shared. Thank u sir.10
सुबह तो होती रहेगी खुशियां भी लाती रहेगी मेरे बदन में सुस्ती का अभाव होगा जीवन में जरुरी सा लगाव भी होगा।
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S.r. Chandrslekha Nice ink Manage Like · Reply · 1m