सुबह तो होती रहेगी Subah Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

सुबह तो होती रहेगी Subah

Rating: 5.0

सुबह तो होती रहेगी

सुख का मायना क्या?
दुःख का गाना क्या?
सामना करना है तो सोचना क्या?
जीनाहै तो फिर मरना क्या?

मुझे परवाह नहीं
पर ज़िंदा हूँ तो सही
दांत दिए है तो खाना भी देगा
जीवन दिया है तो जरिया भी देगा।

मुझे धुटघुटकार नहीं जीना
तानकर चलना है सीना
जबतक साँच की डगर है
जीवन उजगर ही है।

में पी लूंगा जहर के घूंट
चाहे लोग मचाले लूंट
मार करूंगा अचूक
निशाना रहेगा सटीक।

माना जीवन में सतर्कता रहे
और साथ में जागरूकता भी रहे
पर फिर भी डर लगा रहेगा
मस्ती में जीया झूमता रहेगा

सुबह तो होती रहेगी
खुशियां भी लाती रहेगी
मेरे बदन में सुस्ती का अभाव होगा
जीवन में जरुरी सा लगाव भी होगा।

सुबह तो होती रहेगी Subah
Tuesday, May 1, 2018
Topic(s) of this poem: poem
COMMENTS OF THE POEM

S.r. Chandrslekha Nice ink Manage Like · Reply · 1m

0 0 Reply
Kumarmani Mahakul 02 May 2018

सुबह तो होती रहेगी सुख का मायना क्या? दुःख का गाना क्या? सामना करना है तो सोचना क्या? जीनाहै तो फिर मरना क्या? ...........ye bilkul sach hai. Ye barnan chamatkar hai. Stunning expression with nice theme. Beautiful poem shared. Thank u sir.10

1 0 Reply

bless you to remain on top dear

0 0

सुबह तो होती रहेगी खुशियां भी लाती रहेगी मेरे बदन में सुस्ती का अभाव होगा जीवन में जरुरी सा लगाव भी होगा।

0 0 Reply
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
Close
Error Success