सुनहरा सपना
Sunday, October 4,2020
5: 28 PM
प्यार बन जाता है सुनहरा सपना
जबबनाते है आपकिसीको अपना
जिंदगी ही बदल जाती है
दिन में भी सपने देखती है।
नहीं रहता कोई होश
रहते है सदा मदहोश
बस एक धुंधली सी याद आतीहै
मिलने के लिए तरसाती है है।
मिलते है तो बात नही हो पाती
बस आँखे एक दूसरे को देखती रहती है
कहती है " समय ना गुजर जाए "
एक दूसरे में यूँही समा जाय।
समय है बड़ा बलवान
बड़े बड़ों को कर देता है परेशान
उसके आगे किसीकी नहीं चलती
बस पलके नरम हो जाती।
बड़ा धक्का लगता है जब टूट जाता है सपना
किसके सामने जाकर रोये दुखड़ा
सब अलग अलग दृष्टि से देखते
कई तो ये सुनकर ओर आग लगाते।
तमाशबीन बनना और प्यार को सराहना
यही कमी है हम में " करना उसकी अवमानना"
प्यार कोई झझबात नहीं है, पर है साधना
लोग मानते है उसको आराधना।
प्यार है कुदरत का एक हसीन तोहफा
इसलिए प्रेमी रहते है सदा वफ़ा
यदि खफा हो जाए एक भी किसी कारण!
वो नहीं बनाते लड़ाई का रण।
प्रेमी बन जाते जुदा
जब तोड़ते है वादा
नही होता उनका ऐसा कोई इरादा
पर प्यार में कभी हो जाता है बहुत कुछ ज्यादा
डॉ. जाड़िआ हसमुख
गुरुजी सादर प्रणाम, बहुत प्यारी और दिल छूने वाली कविता या तो वो बेवफा थी या हम वफा कर ना पाए वो रूठ कर चली गई, हम मना भी नहीं पाए आभार आपका की आपने इतनी प्यारी रचना से हम सबको मंत्र मुग्ध कर दिया
नही होता उनका ऐसा कोई इरादा पर प्यार में कभी हो जाता है बहुत कुछ ज्यादा डॉ. जाड़िआ हसमुख
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Poem: 59313253 - सुनहरा सपना, , Sunahara Member: Sharad Bhatia Comment: गुरुजी सादर प्रणाम, बहुत प्यारी और दिल छूने वाली कविता या तो वो बेवफा थी या हम वफा कर ना पाए वो रूठ कर चली गई, हम मना भी नहीं पाए आभार आपका की आपने इतनी प्यारी रचना से हम सबको मंत्र मुग्ध कर दिया