जब तुम मिलोगी
मैं तुम्हें कई बात बताऊंगा
हमारे बीते हुए सभी लम्हों को याद दिलाऊंगा
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बचपन तेरी यादें जब भी आती हैं
फिर उसी सुकून को याद दिलाती हैं
वो स्कूल के बाद खेलने की तैयारी
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मिले होंगे कई रास्ते ज़िंदगी में तुम्हें
मंजिल तक जो पहुंचाये वो रास्ता हूं मैं
बिताया होगा तुमने ज़माना किसी के साथ
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तुम साथ हो मेरे या साथ हो नहीं
बातें जो सच हैं उन्हें छुपा रहा हूं मैं
तुम मुझे देखो या देखो नहीं
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Prasant Kumar is an Chemical Engineer. He has passed high school from Nehru Inter college, Rudayan (Budaun) . And live in district Budaun, North - india. his interest always in writing and reading poem, article and stories.)
Jab Tum Milogi
जब तुम मिलोगी
मैं तुम्हें कई बात बताऊंगा
हमारे बीते हुए सभी लम्हों को याद दिलाऊंगा
तुम्हारी आँखों की चमक में
मैं खुद खो जाऊंगा
तुम्हारे इन बिखरे बालों में
में खुद को उलझाउंगा
तुम जब मिलोगी
मैं तुम्हें खूब हंसाऊंगा
तुम आओ कभी मेरे सपनों से बाहर
मैं अपने दिल की सारी बातें सुनाऊँगा
जब तुम मिलोगी ना
मेरे तुम्हें चाहने का असली मतलब बतलाऊंगा
- PRASANT KUMAR