Sushil Kumar Poems

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1.
गुरु बंदना

गुरुवर तुम्ही बता दो किसकी शरण में जायें।
चरणों में जिसके गिरकर अपनी व्यथा सुनाएं।

अज्ञान के तिमिर ने चारों तरफ से घेरा।
...

2.
A Question Mark?

The God is almighty!
Can God instruct the sun,
to rise from the west,
and to sink in the east?
...

एक यार का ब्याह था किया हमें आमन्त्र।
चलो कुमार जरूर तुम, तुमहि पढोगे मन्त्र।
तुमहि पढोगे मन्त्र, बात ये हमें सुहाती।
हमहे घर के चार भये अब पांच बराती।
...

राजा-राजा ऊपर बैठे, रंक-रंक सब नीचे।
आगे-आगे राजा जावें, बाकी उनके पीछे।
ज़रा बगाबत की बू आई, पकड़ ले गए राज-सिपाही,
राजा के आगे ला पटका, जैसे हो माटी का मटका,
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5.
मजबूरी

हुजूर, माई-बाप,
ये क्या जुल्म ढ़ा रहे हैं आप।
हम दलित हरिजन,
आप का क्या ले रहे हैं.
...

6.
उठो लाल (एक बाल कविता)

उठो लाल हो गया सबेरा।

चिड़ियों ने आँगन आ घेरा।
...

7.
आत्म-दाह

उसने ब्याह के बाद,
अपने माता-पिता को छोड़ दिया।
बड़े भाई पर मुकदमा चलाया,
छोटे भाई का सिर फोड़ दिया।
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8.
अनुशासन

नशे में झूमते पुलिस-दीवान ने,
थाने की चार-दीवारी पर,
सूक्तियां लिख रहे पेंटर को,
अगली सूक्ति सुझाई।
...

9.
एक मुक्तक

घर को जलाने के बजाय किसी घर को बचाकर देखो।

कितना सकून मिलता है, यह भी आजमाकर देखो।
...

10.
कुत्ते होने का एहसास

रूबी कुतिया ने,
बच्चों में खेल रहे,
अपने पिल्ले 'टॉमी' को डाटा।
खबरदार! जो तूने किसी,
...

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