कुछ इस तरह से गुज़ार दी ये ज़िन्दगी हमने....... Poem by M. Asim Nehal

कुछ इस तरह से गुज़ार दी ये ज़िन्दगी हमने.......

Rating: 5.0

उसकी अधूरी कहानी, मेरी अधूरी कहानी से पूरी न हो सकी
फिर भी हमने बाँट लिया ग़म-ए-दिल को

उसने भी आंसू बहा दिए, हमने भी अश्को को न रोका
कुछ ऐसे हल्का किया हमने दिल-ए -ग़ुबार को

वो उस छोर से दरिया में उतर आये, हमने इस छोर से छलांग मारी
कुछ ऐसे समां गए हम दरिया -ए-भॅवर में

न तुमने ही कुछ कहा, और न हम ही कुछ बोले
आँखों ने फिर भी पढ़ ही लिया दिल -ए -ज़ुबान को

साँसे उनकी भी चली कुछ, और दिल हमारा भी धड़का
कुछ इस तरह से गुज़ार दी ये ज़िन्दगी हमने

Friday, February 22, 2019
Topic(s) of this poem: life
COMMENTS OF THE POEM
Deepak S S 22 February 2019

बहुत ही बढ़िया गजल है वह उस छोर से दरिया में उतर आए और हमने इस जोर से दरिया में छलांग लगाई क्या बेहतरीन खयाल है और दोनों ही एक साथ भंवर में समा गए अति उत्तम

1 0 Reply
Akhtar Jawad 22 February 2019

साँसे उनकी भी चली कुछ, और दिल हमारा भी धड़का कुछ इस तरह से गुज़ार दी ये ज़िन्दगी हमने....adhhori kahaniN hi ek poori kahni ko janm deti hayN, khoobsoorat kalam.

1 0 Reply
Kumarmani Mahakul 22 February 2019

Half story of her and rest half story of yours will form the complete story one day although this has remained in half of the way. The tear flew with emotion but light caught the memories. This is an excellent poem shared here.10

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