उसकी अधूरी कहानी, मेरी अधूरी कहानी से पूरी न हो सकी
फिर भी हमने बाँट लिया ग़म-ए-दिल को
उसने भी आंसू बहा दिए, हमने भी अश्को को न रोका
कुछ ऐसे हल्का किया हमने दिल-ए -ग़ुबार को
वो उस छोर से दरिया में उतर आये, हमने इस छोर से छलांग मारी
कुछ ऐसे समां गए हम दरिया -ए-भॅवर में
न तुमने ही कुछ कहा, और न हम ही कुछ बोले
आँखों ने फिर भी पढ़ ही लिया दिल -ए -ज़ुबान को
साँसे उनकी भी चली कुछ, और दिल हमारा भी धड़का
कुछ इस तरह से गुज़ार दी ये ज़िन्दगी हमने
साँसे उनकी भी चली कुछ, और दिल हमारा भी धड़का कुछ इस तरह से गुज़ार दी ये ज़िन्दगी हमने....adhhori kahaniN hi ek poori kahni ko janm deti hayN, khoobsoorat kalam.
Half story of her and rest half story of yours will form the complete story one day although this has remained in half of the way. The tear flew with emotion but light caught the memories. This is an excellent poem shared here.10
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बहुत ही बढ़िया गजल है वह उस छोर से दरिया में उतर आए और हमने इस जोर से दरिया में छलांग लगाई क्या बेहतरीन खयाल है और दोनों ही एक साथ भंवर में समा गए अति उत्तम