असली दुश्मन है अमेरिका Poem by Anjum Alinagari

असली दुश्मन है अमेरिका

असली दुश्मन है अमेरिका।
जो लेता है मौत का ठीका।

लड़ा लड़ा कर मार रहा है।
जीत के अक्सर हार रहा है।

ख़ुद को कहता शक्तिशाली।
दूसरा देता इसको गाली ।।

फिर भी इसको होश नहीं है।
जिसमें इसका दोष नहीं है।

आदत से मजबूर बना है।
इसके अंदर बहुत अना है।

इसके अना को तोड़ा जाए ।
अब न इसको छोड़ा जाए ।

अमन व अमां का क़ातिल है।
पढ़ा लिखा ये जाहिल है।

बम बारूद मिज़ाइल से
दोस्ती है ‌ इज़राइल से।

जंग कराता, करता है ।
बिला वजह ही लड़ता है।

देता है ईरान को धमकी।
जो लगता है पागल सनकी

रंग बदलने में माहिर‌ है
जिसकी नफ़रत जग ज़ाहिर है।

आह से न बचपाएगा।
एक दिन ये पछताएगा।

© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

Wednesday, July 1, 2026
Topic(s) of this poem: nazm,urdu
POET'S NOTES ABOUT THE POEM
अपने बम बारूद की ताक़त से दुनिया को तबाह करने वाला मुल्क अमेरिका है। ईरान पर स्कूल पर हमला कर बच्चियों को मौत के घाट उतारने वाला मुल्क अमेरिका है।
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Anjum Alinagari

Anjum Alinagari

Alinagar, Darbhanga
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