योगा बेहतर एक्सरसाइज़ Poem by Anjum Alinagari

योगा बेहतर एक्सरसाइज़

सेहत क़ुदरत का है प्राइज़ ।
योगा बेहतर, एक्सरसाइज़।

लोग ख़ुशी से इसे हैं करते,
होने से पहले सनराइज़।

वो भी इसको कर के देखें,
पेट का जिनके बढ़ा है साइज़ 😂

योगा का कम, दवा का ज़्यादा,
होता है अब एडवरटाइज़ ।

हंसना, चलना, योगा करना,
राज़ है सेहत का ये गाइज़।
© अंजुम अलीनगरी
दरभंगा बिहार

POET'S NOTES ABOUT THE POEM
हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस मनाते हैं, योगा पर लिखी गई कविता इसकी ख़ूबी बता रही हैं
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Anjum Alinagari

Anjum Alinagari

Alinagar, Darbhanga
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