नेता जी,
दिल तोड़ो और दल तोड़ो।
नफ़रता का मुद्दा छेड़ो ।
आप की यही तो ख़्वाहिश है,
लड़ लड़ कर तुम सर फोड़ो।
नेता जी,
राज करने का राज़ है ये
क्या बेहतर, अंदाज़ है ये?
नेता जी, नहीं, नहीं --
देश के हक़ में सही नहीं है।
दुनिया में ये कहीं नहीं है।।।
बुल्डोजर से घर तोड़ो ।
और हवा का रुख़ मोड़ो।।।।।।
नेता जी, सच तो यही है
पैसा ख़ूब कमाते हो,
पेपर लीक कराते हो,
करते हैं सवाल अगर तो
मुद्दे से भटकाते हो ।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार
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