जिनको चुनकर जनता लाई। Poem by Anjum Alinagari

जिनको चुनकर जनता लाई।

जिनको चुनकर जनता लाई ।
वो भी अब बिकते हैं भाई ।

लड़ा रहे हो आपस में क्यों
सेवक हो तो करो भलाई।

दल के साथ ये दिल भी टूटा
आपस में जब हुई लड़ाई

वोट का सौदा करने वाले
बांट रहे हैं , आज मिठाई।

लोकतंत्र में लोगों के है
आगे कुआं, पीछे खाई।

आप को सुखी रोटी देकर
नेता खाए , रोज़ मलाई ।

जब से मिड डे मील आया है
सतीया नास, हुई पढ़ाई ।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

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आज के हालात को ये ग़ज़ल बताती है।
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Anjum Alinagari

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Alinagar, Darbhanga
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