है आईडिया फ़नटास्टीक
बंद हो प्लास्टिक
प्रदूषण का ज़रिया है।
साइंस का ये नज़रिया है।
ज़मीं के लिए ज़हर है ये।
ख़ामोश एक क़हर है ये।
पानी में जब होता है।
देख कर दिल ये रोता है।
मर जाती है मछली खा कर
देखना हो तो देखो जा कर
कूड़े का अम्बार लगा है।
लिखने में अख़बार लगा है।
प्लास्टिक का हम करें न यूज़
चलो हम छापें ऐसी न्यूज़
घर से थैला ले कर जाएं
इतना तो हम भार उठाएं
ये धरती अम्बर बच पाए ।
हर इंसां, कुछ क़दम उठाए।
अपना देश बने बलवान।
प्लास्टिक फ़्री, , हो हिंदुस्तान।
©अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार
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