रचा नीरज ने जब इतिहास ।
तो सोना आया अपने पास ।
-----कि भारत बोल रहा है।
बहुत उम्मीद थी तुम से आस।
बनोगे एक दिन तुम भी ख़ास ।
------कि भारत बोल रहा है।
ये मन में था, पुरा विश्वास।।।
बुझाओगे हम सब की प्यास ।।।।
------ कि भारत बोल रहा है।
नहीं है मन अब मेरा उदास ।
दुआ है सदा रहो बिंदास ।।।
-------- कि भारत बोल रहा है।
अनोखा था, तेरा प्रयास।।।।।
तुम्हारा नाम जपेगी सांस ।।।।।
------ कि भारत बोल रहा है।।।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार
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