Ek Kala Badal Poem by Jasbir Chatterjee

Ek Kala Badal

Rating: 5.0

गहरे रंग का एक पयोधर
जीवन में तिर आया है
सच तो ये है दो पल को
कुछ खुशियाँ ले आया है
एकाकीपन बिसराया है.

मुस्कानों से भरी हुयी, होगी राह सुहानी
आने वाला वक़्त खुशी का कलरव लाये
मगर जल्द ही जकड़न वाली सर्द हवायें
हुई प्रवाहित ले आयीं परिवर्तन की झंझायें
वर्षा वाले सुखद पयोधर
चले गये किस पथ पर?

जीवन तो पहले सा चलता है
समय हुआ अंतहीन, अविराम
पर मैं हूँ नहीं अकेला
न विषाद से भरा दिखूं न नाखुश
किन्तु तुम्हारे जाने का जो खालीपन है
उसको भरने में मुझको
युगों युगों का समय लगेगा.

This is a Hindi translation of Jasbir Chatterjee's poem 'A Cloud of Rain.'

Translator's name: Rajnish Manga

Translation date: 28 February 2014

This is a translation of the poem A Cloud Of Rain by Jasbir Chatterjee
Friday, October 24, 2014
Topic(s) of this poem: friendship
COMMENTS OF THE POEM
Geetha Jayakumar 25 October 2014

Beautiful poem with fantastic lines...... ???? ?? ???? ?? ???? ?? ??? ??? ??????, ?????? Loved reading it.

3 0 Reply
Akhtar Jawad 25 October 2014

Although beauty of the original English poem could not be captured completely still it's a nice poem.

2 1 Reply

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