Aftab Alam

Gold Star - 39,838 Points (15 th April 1967 / RANCHI,)

तेरी यादों में रोया मैं// Hindi - Poem by Aftab Alam

तुझे देखा, तुझे चाहा, तेरी चाहत में खोया मैं,
बना बादल, तुझे ढूंढा, तेरी यादों में रोया मैं,

हवाओं के, फिजाओं के, झूलों में भी झूला मैं,
ख्वाबों की, हंसी पहलू, अभी भूला नहीं हूं मैं,
तेरी धड़कन, तेरी जुल्फें, तेरी आंखो के सागर में,
तेरा दामन, क्यों हैं भीगे , इन उलफत के सावन में,
संवारो पंख, भरो परवाज़, छूलो अब गगन तुम तो,
रहो ना, बेखबर, तुम अब, राहों में खड़ा हूं मैं

तुझे देखा, तुझे चाहा, तेरी चाहत में खोया मैं,
बना बादल, तुझे ढूंढा, तेरी यादों में रोया मैं,

परिंदे भी, गीतों में, तुम्हारा नाम लेते हैं,
पूनम की चांद, हो शायद, लहरें भी फिदा तुम पर,
मैं खोया, ईक, मुसाफिर हूं, मेरी मंज़िल मुझे दे दो,
मेरी ये जान, तेरे सदक़े, मेरी तुम जान यूं ले लो,
मैं आशिक़ हूं, तेरा आशिक़, मुझ से अब ना तुम खेलो,
मेरे क़ातिल, मेरे मुंसफ, खड़ा हूं सामने, अब मैं,

तुझे देखा, तुझे चाहा, तेरी चाहत में खोया मैं,
बना बादल, तुझे ढूंढा, तेरी यादों में रोया मैं,


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Poem Submitted: Monday, March 16, 2015



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