poet Hasmukh Amathalal

Hasmukh Amathalal

#67 on top 500 poets

जीवन-क्षणभंगुर.. Jivan

जीवन-क्षणभंगुर
बुधवार, ६ अगस्त २०२०

प्रेमभाव ओर आदर
स्वीकार कीजिए सादर
जीवन की इसमें छिपी है मिठास
आपको जरूर होगा इसका एहसास।

आपका थोडा सा नमन
छू लेगा सामनेवाले का मन
दिल से देगा आपको सन्मान
आप सोचिए इसके बारे में श्रीमान।

यदि जीवन क्षणभंगुर है
तो फिर मन मे इतना गुरूर क्यों है?
किस बातपर आपको इतनी अकड़ है!
माया की आपपर इतनी पकड़ है?

सोचो! पलभर की आप का बुलावा आ गया है
आप को कोई एक चीज मांगने को कहा गया है
आप कहोगे "सातवे मालेपर में बैठकर अपने पोतों को देखना चाहता हूँ "
यदि आप संयमित जीवन के प्राथि है तो भगवान कहेंगे " जा में वचन देता हूँ"

यह तो एक दृष्टांत है
जीवन का एक वृतांत है
जीवन अर्थांत अंत है
प्रभु की माया अनंत है।

डॉ. जाडिआ हसमुख

Topic(s) of this poem: poem

Poem Submitted: Thursday, August 6, 2020

5,0 out of 5
1 total ratings
rate this poem

Comments about जीवन-क्षणभंगुर.. Jivan by Hasmukh Amathalal

  • Mehta Hasmukh AmathalalMehta Hasmukh Amathalal (8/6/2020 3:41:00 AM)

    Poem: 58915100 - जीवन-क्षणभंगुर.. Jivan
    Member: Sharad Bhatia
    Comment: जी, जीवन ईश्वर का दिया एक सुन्दर रूप हैं, .
    मत गवां जिंदगी के हसीन पल,
    क्यूंकि इसी से बनता जीवन जो हम सब का एक बेहतरीन स्वरुप है

    Report Reply
    0 person liked.
    0 person did not like.
  • Mehta Hasmukh AmathalalMehta Hasmukh Amathalal (8/6/2020 3:41:00 AM)

    ate & Time: 8/6/2020 2: 34: 00 AM
    Remove this comment

    Poem: 58915100 - जीवन-क्षणभंगुर.. Jivan
    Member: Varsha M
    Comment: Aabhar aapke sandesh bhare kavya ke liye. Bakhoob nibhaya aapne sabdo ke samanway me.

    Report Reply
    0 person liked.
    0 person did not like.
  • Varsha M (8/6/2020 2:34:00 AM)

    Aabhar aapke sandesh bhare kavya ke liye. Bakhoob nibhaya aapne sabdo ke samanway me.

    Report Reply
    0 person liked.
    0 person did not like.
  • Sharad BhatiaSharad Bhatia (8/6/2020 1:54:00 AM)

    जी, जीवन ईश्वर का दिया एक सुन्दर रूप हैं, .
    मत गवां जिंदगी के हसीन पल,
    क्यूंकि इसी से बनता जीवन जो हम सब का एक बेहतरीन स्वरुप है

    Report Reply
    0 person liked.
    0 person did not like.
  • Mehta Hasmukh AmathalalMehta Hasmukh Amathalal (8/6/2020 1:32:00 AM)

    जीवन अर्थांत अंत है
    प्रभु की माया अनंत है।

    डॉ. जाडिआ हसमुख

    Report Reply
    0 person liked.
    0 person did not like.
5,0 out of 5
1 total ratings
rate this poem

Robert Frost

Stopping By Woods On A Snowy Evening



Read this poem in other languages

This poem has not been translated into any other language yet.

I would like to translate this poem »

word flags