मां—मां होती है,
एक साक्षात जन्नत होती है।
कठिन से कठिन भाषा का,
वो सरल 'Decoder' होती है।
मां एक पावन एहसास है,
जो हर जज्बात को पढ़ती है।
पूरी दुनिया राजनीति करती है,
पर मां कभी राजनीति नहीं करती है।
जब आप कोई राजनीति करते हैं,
वो समझकर भी नासमझ बन जाती है।
सब जानते हुए भी अनजान बने रहना,
ममता की सबसे बड़ी थाती है।
मां है—तो घर में जान है,
मां है—तो ये सारा जहान है।
गलती में भी जो साथ खड़ी,
वो साहस और सम्मान है।
मां ही दुर्गा, काली, सरस्वती,
मां ही तो जीवन की शक्ति है।
मां है—तो हमारा अस्तित्व है,
ब्रह्मांड की सबसे बड़ी भक्ति है।
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