चलते रहेगा ये कारवां जब तक जान है..... Poem by M. Asim Nehal

चलते रहेगा ये कारवां जब तक जान है.....

Rating: 5.0

यादों का काफिला चल रहा है
अब तो लगभग पचास बरसों से
जो मुड़कर देखु पीछे तो लगे है
कल ही छुआ है इसने मुझे

हवा कुछ बदली सी लगे है
मौसम भी कुछ कहे है
पल छूट गए राह में कहीं
बीत गया एक ज़माना जाने कहीं

वो वादियां, वो फ़िज़ा वो नदियां है अब कहाँ
आईना भी दिखा रहा है चेहरे पर झुर्रियां
वक़्तहै कि बस दौड़ रहा है
दिल है केयादों के मोती चुन रहा है

लम्हों का सफर अब दशकों में आया है
चलते रहेगा ये कारवां जब तक जान है

COMMENTS OF THE POEM
Naila Rais 24 December 2018

Beautiful..........10 sir....... Ups and downs / happiness and sadness are part of life.... Naila

1 0 Reply
Dr Dillip K Swain 24 December 2018

हवाकुछबदली सीलगे है मौसम भी कुछ कहेहै पल छूट गए राह में कहीं बीत गया एक ज़माना जाने कहीं Wonderful expression! Beautifully penned....10

1 0 Reply
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