Shashikant Nishant Sharma

Rookie - 133 Points (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

अब तो कुछ प्यार की बातें करो - Poem by Shashikant Nishant Sharma

बहुत हो गया रूठना मानना
अब तो कुछ प्यार की बातें करो
चलते चलते इन राहों पर
कुछ रुकने की भी बात करो..
तूफानों का मौसम है
कुछ थमने की भी बात करो
बहुत हो...

चुप चुप से क्यों बैठे हो
कुछ बात कहो कुछ फैसला कर लो
नई डगर पे चलने का हौसला कर लो
खुशियों का तराना छेड़ भी दो
अंदाज़ ए बयाँ अब बदलो भी
ये बुत सा नखरा छोड़ भी दो
आओ कुछ गाठें खोल भी दें
शाम ढले मुलाकातें करों
बहुत हो...

कुछ मन की बातें बोल भी दो
भूलें-बिसरें बीती बातें
वो सोच में डूबी सी रातें
यादें मन को जो देतीं शूल
एक पल में उनको जाएँ भूल
कुछ तुम बदलो कुछ हम बदलें
बदले अपनी पुरानी वसूल
अब तो दिल की सारी बातें कह ले
बहुत बीती तनहा रातें
अब तो इकरार की बातें करो
बहुत हो..
शशिकांत निशांत शर्मा ‘साहिल'
{SNSharma.SPA@gmail.com
http: //www.catchmypost.com/shashikantnishantsharma/}


Comments about अब तो कुछ प्यार की बातें करो by Shashikant Nishant Sharma

  • Neela Nath Das (4/27/2012 7:20:00 AM)


    Very nice! Heart touching.Abhi bhi woh dhun gun guna rah hein-Bohut hogaya ruthna manna/Ab to kuchh pyar ki baate karo.I also want to say this to someone. (Report) Reply

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Poem Submitted: Sunday, April 22, 2012



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