बस एक साथ माँगा है और कुछ नहीं माँगा
जॉन तो नहीं मांगी, दिल तो नहीं माँगा
आँखों में रहो तुम ख्यालों में आ जाओ
अलकों में रहो तुम पलकों में समां जाओ
एक ख़ाहिश रखी है, दीदार ही माँगा है
बेशक न थामो हाथ, इंतज़ार ही माँगा है
मिलेगी कहाँ फिर ज़िन्दगी, मौत आने के बाद
चैन से मर सकूँ, बस एक एह्साह ही माँगा है
nice poem.. liked so much.. clear 10 तसल्ली दे दो सोमवार, १० अगस्त २०२० बस हमने ठान ली है यदि आप जक्की है तो हम भी जिद्दी है बात टेढ़ी नहीं सीधी-सादी है आँखे झुकालो अब तो करनी शादी है। डॉ. जाडीआ हसमुख
बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ... बस एक साथ मांँगा, . जिंदगी भर साथ निभाने वाला साथ।।
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The poem is devoted to need and longing for love or relationships. Nicely articulated. Thanks a lot, Sir.