हर व्यापारी, कारोबारी
रेहड़ी वाला और कबाड़ी
रिक्शेवाला या मनियारी
छोटा बड़ा या हल्का भारी
सबको इंतज़ार होता बोहनी का
सुबह की पहली बिक्री का
मेहनत की प्रथम कमाई का
जो गाहक बोहनी करवाये
उसमें भगवान नज़र आये
बोहनी को माथे से छू कर
ईश्वर को परम धन्यवाद देना
शुरुआत दिहाड़ी की करना
यह मेरे वतन की छोटी सी
पर बड़ी पुरानी रीति है.
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First Sale of the Day
Each businessman or trader
Hawker or Kabari (junk dealer)
Rickshaw Puller or Bangle seller
Small, medium or tiny, big
They all wait for the first sale
Very First Sale of the Day
First Rupee honestly earned
Whoever is the first customer
He is always seen as God sent
First earning becomes a blessing
And is raised to the forehead
As a mark of Thankfulness supreme
Thus begins the daily work
This has been a practice small
Yet an age-old convention for all.
बोहनी, शायद मै आपकी इस सूंदर कविता को प्रथम टिपण्णी देने से चूक गया और यह बाज़ी माइकल जी मार ले गए, आपने किस सुंदरता से बोहनी का व्याख्यान इस कविता में किया है इससे पढ़ कर अति प्रसंन्नता हुई, खास तौर पर की प्रथम ग्राहक भगवन का भेजा हुआ होता है ऐसी मान्यता और विश्वास जो हम भारतियों को होता है वह दुनिया के किसी कोने में शायद नहीं मिले, ....to cont
धन्यवाद, असीम जी. आपने जिस मनोयोग से यह छोटी सी कविता पढ़ी है वह आपकी अद्वितीय टिप्पणी से पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है. हम लोग बोहनी के महत्त्व को खूब समझते हैं. छोटे से छोटा कामगार भी दिन की अपनी पहली कमाई को ऊपर वाले की कृपा मान कर स्वीकार करता है.
Very first sale of the day! ! With the muse of the trade. Thanks for sharing.
First sale of the day- starting the day on the right foot. Rickshaw pullers must have a hard job. A spell-bounding poem.
That's the spirit. Even the petty workers consider their first earning as a blessing of God. They would gladly allow a discount to the first customer. Thanks for your kind comments, Michael.
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लोगों ने बहुत सी कवितायेँ प्रथम पर लिखी है जैसे की प्रथम प्यार , प्रथम चुम्भन , प्रथम दिवस इत्यादि परन्तु यह बोहनी जो आपने लिखी है यह मुझे सर्व प्रथम लगती है इस लिए की यह किसी की रोज़ी, रोटी, जीवन, अन्न से जुडी हुई है......मैं गद-गद हो गया....१००+++
आपने जिस खूबसूरती से इस विषय पर अपने विचार रखे हैं, उसने बोहनी जैसी हमारी छोटी सी मगर प्राचीन परंपरा को बहुत ऊंचे स्थान पर प्रतिष्ठित कर दिया है. मेरा आभार स्वीकार करें.