Yash Kataria

Rookie - 58 Points [Yashk] (Pind Wazirpur)

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Fariyaad kalam se kari ki kuch shabd aise uker de panne pe
Ki vo mere padhne waale ke dilo-dimaag mein reh jaaye.
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Hi there, I am Yash Kataria. A novice poet, I try to write poems with a sense that I should be true to myself as well as to the reader. I enjoy good music, books and movies. My favorite poets (an ever-growing list) are Shiv Batalvi, Dushyant Kumar, Paash, ... more »

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Best Poem of Yash Kataria

प्यार का बुखार है

प्यार का बुखार है।
आज नजरें हुई उनसे चार है,
मानिये यु की दिल पे छाया उनका खुमार है।
प्यार का बुखार है।
प्यार का बुखार है।
भाभी उसको कहते अब मेरे यार है,
दिल में उमड़ती है खुशियो की बयार है।
प्यार का बुखार है।
प्यार का बुखार है।
उनके साथ बिताया एक लम्हा बराबर एक
हज़ार है,
दीद ही काफी है, आखिर उनकी आँखें ही तो
गुनहगार है।
प्यार का बुखार है।
प्यार का बुखार है।
इजहार करने को आज हम पूरी तरह तैयार है,
पैर जमीं पर ख्वाब हवा में, बेइंतेहा बेकरार है।
प्यार का बुखार है।
प्यार का बुखार है।
कदम लड़खड़ाये जुबान लाचार है,
डरते डरते ही सही, कह ...

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