बड़े वृक्ष जब गिरते हैं (Hindi Translation) Poem by Rajnish Manga

बड़े वृक्ष जब गिरते हैं (Hindi Translation)

Rating: 5.0

When Great Trees Fall
Original English Poem By Maya Angelou
Hindi Translation By Rajnish Manga

बड़े वृक्ष जब गिरते हैं
माया आंजेलू
हिंदी रूपांतरण रजनीश मंगा द्वारा

बड़े वृक्ष जब गिरते हैं
तो दूर दूर की पहाड़ियों पर चट्टानें थर्राती हैं,
तो सिंह स्वयं भी जंगल की
ऊँची घास में छुप जाते हैं,
और ऐसे में हाथी तक भी
असुरक्षा से घिर कर जैसे चौकन्ने हो जाते हैं.

बड़े वृक्ष जब गिरते हैं
तो जंगलात में,
छोटे छोटे प्राणी तक भी ठिठक के चुप हो जाते है,
उनकी सारी संज्ञायें
भय से जड़वत हो जाती हैं.

जब महापुरुष दिवंगत होते हैं,
तो आसपास की वायु जैसे हो जाती है
भारहीन, विरल, स्वच्छ, शुद्ध.
श्वांस हमारी, भारी भारी.
आँख हमारी, भारी भारी
देख रही हैं
विचलित हो कर.
स्मृति हमारी, सहसा ही कुछ तेज हो गयी,
जाँच करने लगती है,
दांत पीसना उन कोमल शब्दों पर
जो रहे अनकहे,
सोचा था कि सैर करेंगे
नहीं हो सका कभी ये संभव.

महापुरुष दिवंगत होते हैं तो
यकीं हमारा, जो बंधा था उनसे,
हमें छोड़ कर चला गया.
हमारी रूहें,
टिकी थीं उनकी ही
परवरिश पर,
सिकुड़ रही हैं, अब झुर्रियों में.
हमारी सोचें, महानता में उनकी ही
जो परवान चढ़ी,
वो बौरा गयी सी लगती हैं.
हम इस कदर भी पागल नहीं हुये कि
खो जायेंगे अज्ञानता की अकथनीय
अँधेरी, ठंड भरी
गुफाओं में.

और जब महापुरुष दिवंगत होते हैं,
काफी समय बाद माहौल सामान्य होता है,
धीरे धीरे मगर
अनियमित सा. खालीपन पाटे जाते हैं
एक प्रकार के
सुखदायक विद्युत् कंपन से
हमारी संज्ञायें, लौट आने पर,
पहले जैसी नहीं रह गयीं, कानों में कह जाती हैं.
वो यहीं रहे थे, यहीं रहे थे.
हम भी वैसे हो सकते हैं, बन सकते हैं
और भी बेहतर. क्योंकि वो भी यहीं रहे थे.

This is a translation of the poem When Great Trees Fall by Maya Angelou
Thursday, May 19, 2016
Topic(s) of this poem: darkness,greatness,souls,trees
COMMENTS OF THE POEM
Kumarmani Mahakul 01 June 2016

Very amazing poem that scribbles thought and attitudes. Perfect translation of this poem touches mind definitely. Interesting one.10

1 0 Reply
Rajnish Manga 01 June 2016

It is always a pleasure to have you on these pages. Thanks, Kumarmani ji, for your appreciative comments. These are so inspiring and encouraging.

0 0 Reply
Akhtar Jawad 01 June 2016

A beautiful poem, looks like an original poem, how nicely the poet has translated it. Thanks Rajnish Manga for sharing. In my opinion it's one of the greatest poems by you.

1 0 Reply
Rajnish Manga 01 June 2016

I am grateful to you, Janab Akhtar Jawad Sahab, for visiting this page and subscribing your appreciative comments on the poem.

0 0 Reply
Jasbir Chatterjee 20 May 2016

Very nice translation. Reminded me of Rajiv Gandhi's callous remark following November 1984 Sikhs' massacre after his Mom Indira Gandhi's assassination, Jab koi bada ped girta he toh dharti hilti he. Certain areas, I feel, need further polishing. Like this sentence, ???????? ?????? ???? ??? ?? ???? ?????, ?? ???? ?? ????, ???? ??? ?? ??? ???. Shouldn't it be, chod kar chala jata he?

1 0 Reply
Rajnish Manga 20 May 2016

Thank you very much, Jasbir ji, for your kind visit and comments. I was also reminded of those words of Rajiv Gandhi when I read this poem. I also agree with you that certain portions of my translation, including what you have suggested, need to be revised. I will review and carry out changes soon. Thank you once again.

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