Ashish Singh

Ashish Singh Poems

Yes I know that I am a good actor
For the every night when I cried
Then every morning when I smiled
For the every day when I was ignored
...

Tum do izazat agar to kuchh likhna chahta hu..
Tumhari har khushi har gum ko ek alag mod dena chahta hu
Jo beet gaya wo kal tha...
Mai tumhare aaj me jeena chahta hu...
...

Tujhe sochu.... Tujhe likhu
Bas tujhe paa na saku
Tujhe chahu... Tujhe likhu
Fir likh kar Mita na saku
...

आहिस्ता-आहिस्ता तो कभी,
बड़ी ही तेजी से
चल रही है ज़िंदगी की गाड़ी! !
...

चुप चाप सी बैठी है वो
और न जाने क्या लिखे जा रही है..
शायद कुछ बातें है मन में
जिन्हे पन्नो पर उतारे जा रही है..
...

चलो आज ठहर जाते हैं!
आज घर पर अपनो के साथ
कुछ वक्त बिताते हैं
...

दिन अलग था, रात अलग थी
पर सबसे तेरी बात अलग थी

कुछ बिखरे से, कुछ सहमे से
...

क्या कहूं तुझे तू ही बता
क्या कहूं तुझे तू ही बता
नींद कहूं ख्वाब कहूं या कहूं हकीकत
या कह दू आकर ठहर जा मेरी जिंदगी में
...

है एक लड़की जिस्से मैं भी प्यार करता हूं
पर कभी उससे न मैं इजहार करता हूं....
डर लगता है कहीं खो ना दू दोस्ती भी उसकी
इसी वजह से शायद अपनी Feelings भी बेकार करता हु....
...

हवा है नशा है
धूप है या फिजा है...
बस तू ही तू है
जो भी अब यहाँ है...
...

Tujhe sochu.... Tujhe likhu
Bas tujhe paa na saku
Tujhe chahu... Tujhe likhu
Fir likh kar Mita na saku
...

अच्छा तो तुम...
वापस ना लौटने की ख़बर छोङ गयें हो?

मैंने सुना है, तुम ये शहर छोड़ गयें हो
...

खामोशियाँ चीर अंदर का शोर बाहर निकालोगे क्या
मेरी चीखें हवाओं में उछालोगे क्या

सीने में इतनी जलन रखते हो मेरे ख़िलाफ़
...

मैं बस तुम्हारा हो कर रह सकता हूँ
तुम सिर्फ मेरे बन कर रह सको
तो मुहब्बत का इज़हार करना.....
...

कुछ कहना था... शायद कभी ना कह पाऊँ
इन जज़्बातों के लिए अल्फ़ाज कहाँ से लाऊँ...
जरूरत नहीं है हमें तेरें एक भी इशारे की
बिन तेरे इजाज़त ही तेरा हमदर्द बन जाऊँ....
...

तुमसे जुड़ा हर ख़्वाब सजा के
हर दफा तुम्हें अपना बना के
तुम्हारे लिए हर हद पार करूंगा
मैं तुम्हें प्यार करूँगा....
...

मुझे इश्क़ है इन तनहा रातों से
जो तुम्हारे साथ नहीं मगर
तुम्हारे बिन भी नहीं गुजरती है
तुम्हारी यादों से तुम्हारी बातों से
...

Banakar Ek Kitaab Tujhe
Mai Har Roj Tujhe Hi Padhna Chahta Hu...

Bankar Ek Haseen Khawab Tera
...

तुझे देख लग रहा आज ही मैं सब हार जाऊँ
रूहानी खुशी को अपने नयन में भरूँ
तेरा दीदार हो और बस तेरा दीदार करता जाऊँ
अलबेली, नखरीली और चुलबुली,
...

तुम्हारे जाने के बाद
मैंने
कुछ किया या
न किया
...

The Best Poem Of Ashish Singh

Yes I Know That I Am A Good Actor

Yes I know that I am a good actor
For the every night when I cried
Then every morning when I smiled
For the every day when I was ignored
And the every moment when I was forced

The reality doesn't requires any factor
But yes i know that I am a good actor

For every time when I Needed someone
And my eyes found that there was no one
For everything which I wanted to share
But there was nobody who showed me that care

They called me a loser but it is my character
Yes I know that I am a good actor

Ashish Singh Comments

Rahul kumar 23 January 2023

One of my favourite in yours

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