बिहार में पोस्टर लगे हैं (Hindi) Poem by Rajnish Manga

बिहार में पोस्टर लगे हैं (Hindi)

Rating: 5.0

बिहार में पोस्टर लगे हैं
'न भूले हैं न भूलेंगे'
(सुशांत सिंह राजपूत की फोटो संलग्न)
यह ड्रामा कब तक चलना है?
सिर्फ बिहार के इलेक्शन तक.... और बस.
न किसी को उससे पहले था मतलब
न किसी को उससे कभी रहेगा मतलब
सिवाय उनके जिन्होंने उस पर
अपना सब कुछ लुटा दिया था
किसी के दिल में कुछ मलाल होगा
किसी के सर पर कुछ इलज़ाम होगा
न इतना उनको सताओ लोगो
कि जीवन से दामन छुड़ा कर के अपना
बिछुड़ने वाले से फिर जा मिलें वो....

Friday, September 11, 2020
Topic(s) of this poem: hindi,love,suicide
COMMENTS OF THE POEM
M Asim Nehal 12 September 2020

बेहद उम्दा कविता है राजनीशजी, शायद अब राजनीति में यह भी देखना रह गया था, असंवेदनशील तो पहले से ही बने हुए थे। किसी की मौत पर राजनीती, किसी की ज़िन्दगी पर राजनीति, इंसान कितना मतलबी और कामयाबी-परस्त हो गया है, रात में षडयंत्र 4 बजे सरकार का गठन। जीत के लिए बंधक बना लेना किसी को, पैसे के बल पर खरीद लेना किसी को, डरा धमका कर चुप बैठा देना किसी को (राज ठाकरे । जाती धर्म, राज्य, परंपरा क्या क्या जतन और उपाय नहीं किये जाते.

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A warm tribute to Sushil Singh Rajput. deserving much..10

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Varsha M 11 September 2020

Agar netaoon me itni insaniyat hoti to kabhi loot mar ki zarurat nahi hoti na hi kabhi kisi ko hadtal pe jane ko soochni padti. Bahut behtareen rachna aur bahut behtareen sooch.

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Sharad Bhatia 11 September 2020

गुरुजी सादर प्रणाम, यह कहलाते " नेता" हैं और आम आदमी का फाड़ते कुर्ता हैं पागल यह हम सबको बनाते और आश्वासन की भीख दे जाते

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Aarzoo Mehek 11 September 2020

सुशांत सिंह राजपूत की फोटो संलग्न) यह ड्रामा कब तक चलना है? सिर्फ बिहार के इलेक्शन तक.... हर रिश्ता हर मुद्दा अपने मुफाद के लिए इसतेमाल करते है लोग। इस राजनीति के खेल मैं यहां कोई किसी का नहीं है। तकलीफ और घाटा सिर्फ और सिर्फ उसके अपनों का हुआ है। एक बेहतरीन कविता। १०++

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