मैं अपने दोस्तों-आत्मीयों की
अपने परिचितों अपरिचितों की
सलामती की दुआ मांगता हूँ
ईश्वर से
अल्लाह से
वाहे गुरु से
कितना स्वीकार किया जायेगा
मैं यह सब कुछ नहीं जानता
वैसे मुझको पता है इसका
उनको इसका पता न होगा
जिनके लिए मैं दुआ मांगता हूँ
जिनके सम्मुख दुआ मांगता हूँ
दुआ ज़रूर क़ुबूल होगी दिल जो मांगी है। बेहतरीन सोच जिसमें अपनायत झलकती है। खुदा आपको सलामत रखे।
मैं अपने दोस्तों-आत्मीयों की अपने परिचितों अपरिचितों की सलामती की दुआ मांगता हूँ ईश्वर से अल्लाह से वाहे गुरु से......dua dena aur dua lena sabse achha kam hei aur auron ke liye ishwar se dua magna sarvottam kam hei. Ap in panktion se bahut achha kamna ko liye prayer kiye hein. This is a beautiful poem on prayer, welfare and sacrifice. Thanks Mana ji.10
आपकी दुआओं का असर हमने देख लिया, Covid -19 जैसी संगीन बीमारी को भी झेल लिया, ये आप और तमाम चाहने वालों की दुआएं है जिसकी बदौलत हम कुछ लिख पाते हैं , ये जो ग़ायबान ताल्लुक़ है हमारे बीच खुदा इससे सदा कायम रखे, सलामत आप रहे और सलामत हम को भी रखे
Thank you for the prayer. Very well penned..10
Dhanyawad iss dua ke liye shayad iske assar se aaj din behatreen guzra. Dhanyawad us subah subah subah ki dua ke liye.
This poem has not been translated into any other language yet.
I would like to translate this poem
गुरुजी सादर प्रणाम बहुत बेहतरीन रचना एक सच्ची दिल से निकली " दुआ" हमेशा क़बूल हो जाती हैं धन्यवाद आपका की आप हम सब हिंदुस्तानियों के बारे में बहुत दिल से सोचते हैं कि मेरा एक प्यारा हिन्दुस्तान हो जहाँ हमेशा शांति, प्यार भाईचारा हमेशा बरकरार हो थाली एक हो, जहाँ भेद भाव ना हो प्यार एक दूसरे को हमेशा करे