Gaya Prasad Anand 'Anand Gondavi'

Gaya Prasad Anand 'Anand Gondavi' Poems

चेतना गीत / सब पढ़े! सब बढ़े! !
*******************************
करो मेहनत से तुम सब पढ़ाई बबुआ,
नाहीं जीवन होई आगे दुखदायी बबुआ ।
...

आँखों में समंदर है
तो हाथों में रूहानी है
मेरा दिल दरिया है
जिसमें चाहत का पानी है
...

आदमी आम होता हैं आदमी ख़ास होता है,
आदमी के लिये ही आदमी बकवास होता है।
आदमी की नहीं सुनता जब कोई इस जमाने में,
निराशाओं का मारा वो सूखा घास होता है ॥
...

हिन्दी दिवस की हार्दिक बधाई
***********************
हम सबकी पहचान है हिन्दी,
होठों की मुस्कान है हिन्दी ।
...

आओ हम सब वृक्ष लगाएं
धरा को अपने हरा करें हम
शीतल छाया पाएं
पशु पक्षी को आश्रय दें हम
...

माँ बाप और हम
**************
जब हम छोटे थे
कितने अच्छे थे
...

मुहब्बत में बहे आँसू,
मुसीबत में बहे आँसू

दिल का दर्द हर किस्सा
...

दिन दूना औ रात चौगुना
खूब बढ़ रहा भ्रष्टाचार

यै पी एम, सी एम का करिहै
...

मैं किसान हूं, अन्नदाता हूं

ताजे फल व हरी सब्जियां उगाता हूं
खुद रुखा सुखा खाता हूं साहब!
...

महिला दिवस पर विशेष
- - - - - - - - - - - - - - - - -
मेरी एक कविता ✍
'वहशी दरिन्दा'
...

शिक्षक / राष्ट्र निर्माता
****************
एक मंच पर माइक से गुरू जी
कुछ बोल रहे थे,
...

अगर आपके पास
अपनी नारी है
तो ये दुनियाँ है
दुनियाँदारी है
...

काहे को आँख दिखाते हो सूरज दादा
अषाढ़ के महीने में अब तपो यूं न ज्यादा

बहुत हो चुकी है तेरी मनमानी
...

एक दिन हम तौ मन ही मन मा
किहन कल्पना भारी
काश होइत हम नारी
सुंदर मुखड़ा चाँद सा टुकड़ा
...

एक दिन एक व्यक्ति ने पूछा
आपका परिचय?

मैंने कहा -
...

सोचा था.......
झोला उठाकर चल दूँ
पर ये फकीरी मुझॆ रास नहीं आई
...

गोस्वामी तुलसीदास से,
ढोलक हुई नाराज।
आखिर मुझे ही क्यों?
ताड़न का अधिकारी कहा ।
...

हम हर वर्ष मनाते हैं होली
दहन करते हैं होलिका
मनाते हैं खुशियाँ
एक महिला को जिन्दा जलाकर
...

गर्मी सूरज की हो
या धन की,
बड़ी अज़ीब होती है़।
गर्मी तन की हो
...

किसी ने नाम पूछा है,
किसी ने जाति पूछी है।
मेरे जज़्बात पूछे हैं,
मेरी औक़ात पूछी है।
...

The Best Poem Of Gaya Prasad Anand 'Anand Gondavi'

साक्षरता गीत सब पढ़े सब बढ़ें-गया प्रसाद आनन्द की रचना

चेतना गीत / सब पढ़े! सब बढ़े! !
*******************************
करो मेहनत से तुम सब पढ़ाई बबुआ,
नाहीं जीवन होई आगे दुखदायी बबुआ ।
पढ़ लिख लेबौ तौ ज्ञान बढ़ जाई,
चाहे जहाँ रहीबो सम्मान बढ़ जाई ।
होई शिक्षा से सबकै भलाई बबुआ,
नाहीं जीवन होई आगे दुखदायी बबुआ ।

माता पिता गुरू क कहना मानो,
अपना भला इसी में जानो ।
नाहीं मनबो तो होई जग हंसाई बबुआ,
होई शिक्षा से सबकै भलाई बबुआ ।
करो मेहनत से तुम सब पढाई बबुआ,
नाहीं जीवन होई आगे दुखदायी बबुआ ।

स्कूल समय से रोज़ तुम जाओ,
मात- पिता - गुरु शीश नवाओ
हर काम समय से करना सीखो
सुन्दर अक्षर लिखना सीखो ।।
नाहीं लिखबौ तौ राइटिंग गडबडाई बबुआ,
होई शिक्षा से सबकै भलाई बबुआ ।

सदाचार कै नियम सीखो,
मेहनत से खूब पढ़ो-लिखो ।
सदा अनुशासन में रहना है अच्छाई बबुआ,
नाहीं जीवन होई आगे दुखदायी बबुआ ।
करो मेहनत से तुम सब पढाई बबुआ,
होई शिक्षा से सबकै भलाई बबुआ ।

" जी०पी ०आनन्द " कै मानव कहनवा,
झूठ, बेईमानी, चोरी छोड़ो, सब बहनवा ।
छोड़ो नशा, मदिरा, सगरौ बुराई बबुआ,
नाहीं जीवन होई आगे दुखदायी बबुआ ।
लियौ उन्नतकै रहिया अपनाई बबुआ,
होई शिक्षा से सबकै भलाई बबुआ ।

रचयिता ...
गया प्रसाद आनन्द
(आनन्द गोण्डवी)
स०अ०(चित्रकार व कवि)
बुद्ध उ०मा०वि० करनीपुर वजीरगंज
जनपद -गोण्डा
स्वर दूत -9910960170
9838744002

Gaya Prasad Anand 'Anand Gondavi' Comments

Close
Error Success