अरे! ओ आशिक़ो ओ दीवानों
अरे! ओ खलीफाओं ओ महानों
तुम चाहे जितने भी ख्वाब बून लो
मगर राज़ की एक बात सुन लो
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प्रेम है सोना, प्रेम है सोना
कभी पाना कभी खोना
जिस्म की मिट्टी है, जीवन का जल है
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जेहन में बसा है महज एक निशां, जो भी है वो फकत तेरी यादों का है
तुमसे होना तो थी मगर हुई ही नहीं, कुछ नशा अधूरी उन बातों का है
तुझसे पहले मैं शेर-ए-गजल भी न था
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फिर से टुटा है दिल, फिर से बिखरा है जिगर
फिर से रूठी हो तुम, फिर से उलझी है नजर
फिर से ख्वाबों में तुम मेरे आने लगी
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तेरी नाराजगी का भी कोई राज़ तो है जाना
तेरीबेरुखीमेंभी थोड़ा प्यार तो है जाना
मैंने देखा है राहों में, तु पलट कर देखती तो है
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तु नहीं तो कोई और या नहीं!
कोई और तो कोई और या नहीं!
तेरी बेरुखी को भूलूँ या कोई जवाब दूँ
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सहमा-सहमा दिल चुप-सा है, बैठा है तुझसे आस लिए
सोचता है मन-ही-मन तुम्हे
आँखों में झलक और तेरा एहसास लिए
दर-दर भटके जैसे कोई प्यासा अमृत की आस लिए
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स्वप्न है अंधियारे समझता कोई जुगनू नहीं है
हर किसी से दिल लगाऊं मुझे ऐसा जुनूँ नहीं है
और भी जिस्म है मेरे जिस्म की तसल्ली के लिए
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शीशे में खुद को देख कर कितना इतराती है वो
खुद में खुद को जीति है खुद से शर्माती है वो
कल मिली थी कह रही थी बड़ी मशहूर गायका हूँ,
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कड़कती धुप में शीत-आशियाने याद आते हैं
वाह-वाह बहुत खूब में कुछ बहाने याद आते हैं
गीत, ग़ज़ल, किस्से, ये सब 'राज़' की बातें हैं
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अक्सर रातों को मेरी यादों से मचलता तो है
पल भर किसी से बात कर लूँ, जलता तो है
सुना है उसे मेरा नाम तक पसंद नहीं है, मगर
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विरह धुप में जलते-जलते फिर से सावन आ जाये
मरुस्थल से रूखे सूखे में हरियाली यौवन छा जाये
एक बरसात जरुरी है बदन के प्यासे अंगो पर
बादल से बादल टकराये तो सारा समंदर समा जाये
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अन्तः मन में घोर उदासी और तुम्हारी यादें
प्यासे होंठ, धड़कन प्यासी, और तुम्हारी यादें
ऊब गया है मन दुनिया से रंग बिरंगे झमेलों से
कृष्ण-राधिका, द्वारिका-काशी और तुम्हारी यादें
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कभी बहुत करीब, कभी बहुत दूर हो जाना
मेरे दिल के अरमानों का चूर-चूर हो जाना
ये दुनियां और सच्चे इश्क के बिच अनबन है
तुझे मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना
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मेरी हार को जीत बनाये
मेरे अधूरे सपने सजाये
गिर जाऊं अगर किस मोड़ पर
तो झुक कर वो मुझे उठाये
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लक्ष्य मेरे बहुत से हैं
कुछ करके ही नहीं रुक जाऊंगा
आज किनारों पर हूँ मैं
कल सितारों में यूँ छा जाऊंगा
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RAJ RATHOD Raj Rathod is one of the most popular young Hindi poets in India who is working in Kavismemelan and Love album song. His real name is Raja Rathod but as a poet he is known as Raj Rathod.)
अरे! ओ आशिक़ो ओ दीवानों
अरे! ओ आशिक़ो ओ दीवानों
अरे! ओ खलीफाओं ओ महानों
तुम चाहे जितने भी ख्वाब बून लो
मगर राज़ की एक बात सुन लो
घना अँधेरा है इन राहों में पर कोई रात नहीं है
इस ज़माने में प्रेमियों की कोई औकात नहीं है
अरे! रातों रात जगना पड़ता है
अरे! ना लिखा पढ़ना पड़ता है
अरे! एक पल भी चैन नहीं मिलता
अरे! सच कहता हूँ कुछ भी नहीं मिलता
जिंदगी भर की कमाई दान करना
आशिकी है, जकात नहीं है
इस ज़माने में प्रेमियों की कोई औकात नहीं है
अरे! प्यार हो जाए तो दुनिया खूब ठगती है
अरे! प्यार हो जाए तो भूक भी नहीं लगती है
अरे! न जाने क्या - क्या गटकते रहते हैं
अरे! न जाने कहाँ - कहाँ भटकते रहते हैं
अरे! इतना कुछ होता है ये भी कोई बात नहीं है
इसज़माने में प्रेमियों की कोई औकात नहीं है
Nice chhote mama....Keep it👍👍